बवाल कंट्रोल फिर भी ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका, तेहरान की घेराबंदी तेज

ईरान में बवाल कंट्रोल हो गया है. इसके बाद अली खामेनेई की सरकार कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गई है, लेकिन उस पर अमेरिकी हमले का खतरा अब भी मंडरा रहा है. तेहरान को घेरने के काम में अमेरिका लगातार जुटा है. कैसे, आइए इसे डिटेल में जानते हैं..

ईरान में बवाल के बाद एक तरफ जहां अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार कील-कांटे दुरुस्त करने में जुटी है, वहीं अमेरिका भी तेहरान को चारों ओर से घेरने में लगा है. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में अगर अमेरिका और ईरान में बात नहीं बनती है, तो वाशिंगटन तेहरान पर हमला कर सकता है. वाशिंगटन इस बार ऐसी तैयारी कर रहा है कि जंग की किसी भी सूरत में वह चूक न जाए.

ईरान पर हमले की तैयारी, 6 फैक्ट्स
1. अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके हमलावर दल मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच स्थित मलक्का जलडमरूमध्य तक पहुंच चुके हैं. ईरान की घेराबंदी के लिए ही अमेरिका से इसे भेजा गया.

2. फ्लाइट रडार के मुताबिक अमेरिका के 12 एफ-15 फाइटर जेट को जॉर्डन में तैनात किया गया है. जून 2025 में जब इजराइल ने ईरान पर अटैक किया था, तो जॉर्डन के रास्ते ही पहला हमला किया था.

3. डिएगो ग्रेसिया में अमेरिकी-17 परिवहन विमान की तैनाती की गई है. यहीं से ईरान को फारस की खाड़ी के जरिए घेराबंदी की जा सकती है.

4. इजराइल में अमेरिकी राजदूत रहे डैन शापिरो ने एक पोस्ट कर लिखा कि ट्रंप जिस तरीके से काम कर रहे हैं, उससे मुझे लगता है कि ईरान पर वे हमला कर सकते हैं. खासकर ट्रंप के निशाने पर सुप्रीम लीडर खामेनेई होंगे.

5. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 दिन पहले पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि ईरान में नए लोग आएं. वे ईरान को आगे लेकर जाएं. खामेनेई को ट्रंप ने बीमार व्यक्ति बताया.

6. निर्वासित पूर्व राजकुमार राजा पहेलवी ने एक मसौदा पेश किया है, जिसके मुताबिक अगर खामेनेई की सरकार ईरान से जाती है तो वहां पर पूर्ण लोकतंत्र लागू किया जाएगा. इसमें स्टेट को धर्म से अलग करने की बात कही गई है.

ईरान के भीतर क्या चल रहा है?
ईरान में कील-कांटे दुरुस्त किए जा रहे हैं. सोमवार (19 जनवरी) को ईरान सर्वोच्च परिषद के प्रमुख अली लारीजानी ने इराक के विदेश मंत्री से मुलाकात की. ईरान अपने सभी पड़ोसी देशों को साधने में जुटा है. इतना ही नहीं, आम नागरिकों से संपर्क स्थापित करने के लिए खुद खामेनेई एक्टिव हैं. ईरान की सरकार पूरे बवाल को अमेरिका और इजराइल से जोड़ रही है.मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक ईरान में बवाल को लेकर 20 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के मुताबिक सरकार आर्थिक पहलुओं पर भी काम कर रही है, जिससे ईरान के लोगों को राहत मिल सके

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